.
Skip to content

ऐ खुदा, सुन ले दुआऐं, ग़म का अब रोज़ा रहे

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

गज़ल/गीतिका

February 16, 2017

जिंदगी में हर तरफ बस प्यार ही बिखरा रहे
ऐ खुदा, सुन ले दुआऐं, ग़म का अब रोज़ा रहे

जिंदगी की दौड़ में तो थक गया ख़स्ता बदन
अब बुढ़ापा आ गया पर दिल मेरा बच्चा रहे

गाँठ रिश्तों में पड़ीं है, दूर हैं रिश्तें यहाँ
जोड़ने रिश्तों को फिर भी एक तो धागा रहे

है कई अच्छाइयाँ उनमें तुझे दिखती नहीं
देखने को ऐब खुद के एक बस शीशा रहे

साजिशें कर कर के मुझको वो गिराते रात दिन
की बगावत, फिर बराबर का ही अब सौदा रहे

इक सबक दुनिया को देखो जब सिखाना भी पड़े
तन मेरा लोहा भले हो मन मेरा सोना रहे

और कितना ऐ खुदा मुझको सताएगा बता
जिंदगी रातें अमावस चाँद फिर आता रहे

लोधी डॉ. आशा ‘अदिति’
भोपाल

Author
लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
मध्यप्रदेश में सहायक संचालक...आई आई टी रुड़की से पी एच डी...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....
Recommended Posts
ऐ खुदा जाने
चंद खुशियो के बदले बेशुमार गम दिया है ऐ खुदा जाने केसा ये सनम दिया है एक आह को जाने कितना मरहम दिया है ऐ... Read more
जिंदगी अब और इम्तिहाँ न ले
"बस कर ऐ जिंदगी अब और इम्तिहाँ न ले , इस पार हूँ या उस पार अब बता ही दे . कहते हैं तू हर... Read more
गीत- ये पहचान भी ले ले
गीत- ये पहचान भी ले ले ●●●●●●●●●●●●● ये दिल जो तोड़ डाला है तो अब ये जान भी ले ले है घर जो कर दिया... Read more
****  ओ मेरे यार ****
तूं सुन पुकार ओ मेरे यार ये छोटी सी जिंदगी है बस कर ले तूं इससे से प्यार ओ मेरे यार ओ मेरे यार सुन... Read more