Skip to content

” ऐसे न निहारो ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

January 18, 2017

समय से पहले ,
दस्तक मेरी !
आँखों में बस ,
छवि है तेरी !
यों अचरज से –
ना मुझे पुकारो !!

अविरल नेह की ,
धार बहे है !
रात दिवस भी ,
यही कहे है !
बन्धन मोह के –
जादू कर डारो !!

जागी महक है ,
रिश्तों में अब !
पल पल हुऐ ,
अचंभित वे सब !
चितवन बांधे –
है जग मतवारो !!

चहकने लगे हैं ,
कोने घर के !
छलकने लगे हैं ,
बोल अधर से !
दिल पर अविचल –
है राज तिहारो !!

Share this:
Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you