*ऐसी होती है बेटियां*

*ऐसी होती है बेटियां*

बेटो से बेहतर होती है बेटियां,,
हर गम दर्द में हाजिर होती है बेटियां,,

पिहर का घरआँगन मुस्कुराता रहे,,
हर दुआ में रब से मांगती है बेटिया,,

फूलो की महक परिंदों की चहक,,
और सूरज की तपन होती है बेटिया,,

तितली सी मासूम मोम सी कोमल,,
और चाँद की दमक होती है बेटिया,,

हर मंजिल को छू लेती है हर हाल में,,
और हर गम को सह जाती है बेटिय,,

अपने मान सम्मान के खातिर अपनो से,,
और जमाने से लड़ जाती है बेटिया,,

माँ की लडली और पापा दुलारी,,
सोनु भाई की शान होती है बेटियां,,
*(सोनु जैन मन्दसौर)*

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