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ऐसा तो मत कहो

अकेले हो गए हो तुम
कोई नहीं है तुम्हारा
सब खत्म हो गया अब
दुखी जीवन है तुम्हारा
तुम मुझसे दूर ही रहो
तुम ऐसा तो मत कहो।।

तुम कभी अकेले नहीं
मैं हमेशा साथ हूं तुम्हारे
मैं तो पता नहीं लेकिन
तुम तो दिल में हो हमारे
तुम मुझसे दूर ही रहो
तुम ऐसा तो मत कहो।।

प्यार किया है तुमसे
जीवन जिया है तुमसे
और क्या कहूं मेरी तो
अब ज़िंदगी है तुमसे
तुम मुझसे दूर ही रहो
तुम ऐसा तो मत कहो।।

वादा है साथ जीने का
ऐसे तो न छोड़ जाओ
कसूर क्या है हमारा
इतना तो बता जाओ
तुम मुझसे दूर ही रहो
तुम ऐसा तो मत कहो ।।

चलना भूल गया हूं अब
तुम्हारे हाथ थामे बिना
जीयूंगा मैं कैसे ज़िंदगी
अपने साजन के बिना
तुम मुझसे दूर रहो अब
तुम ऐसा तो मत कहो।।

तुम्हारे बिना जीना मेरा
मुमकिन नहीं एक पल
जो तुम जाओगे छोड़कर
मुझे, मर जाऊंगा मैं कल
तुम मुझसे दूर रहो, अब
तुम ऐसा तो मत कहो।।

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Author
कवि एवम विचारक
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