.
Skip to content

ऐ!मेरी बेटी

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

कविता

February 3, 2017

??????
ऐ मेरी बेटी!
मैं दुनिया से लड़ कर,
तुम्हें इस दुनिया में लाई हूँ ।
मैं माँ! हूँ, माँ!
नहीं कोई कसाई हूँ ।
??????
मेरी बेटी नहीं, मेरा अभिमान बन कर रहना ।
दुनिया में अपना नाम, सबसे ऊँचे शिखर पर रखना ।।
??
वारिस चाहिए था घर को,
इस घर का मान रखना ।
गृहलक्ष्मी का रूप बन कर,
आसमान से जमीन पर,
तुम स्वर्ग ला कर रखना ।।
??
मेरी बेटी नहीं, मेरा अभिमान बनकर रहना ।
दुनिया में अपना नाम, सबसे ऊँचे शिखर पर रखना ।
??
प्रगति के मार्ग पर तुम,
निर्भय, निडर तुम बढना ।
मिले रास्ता कठिन तुम,
हिम्मत से आगे बढ़ना ।।
??
मेरी बेटी नहीं, मेरा अभिमान बनकर रहना ।
दुनिया में अपना नाम, सबसे ऊँचे शिखर पर रखना ।।
??
रास्ते के चट्टानों, तुफानों से ना डरना ।
हौसला से आगे बढ़ना,
मंजिल पर ही जाकर रूकना ।।
??
मेरी बेटी नहीं, मेरा अभिमान बनकर रहना ।
दुनिया में अपना नाम, सबसे ऊँचे शिखर पर रखना ।।
??
अपना हो या पराया
सबको गले लगाना ।
हर दुखियों के दिल में,
तुम रंग खुशी के भरना ।।
??
मेरी बेटी नहीं, मेरा अभिमान बनकर रहना ।
दुनिया में अपना नाम, सबसे ऊँचे शिखर पर रखना ।।
??
दुनिया में मानवता का,
तुम दीया जलाना ।
कुछ काम ऐसा करना,
सदियों तक याद करे जमाना ।।
??
मेरी बेटी नहीं, मेरा अभिमान बनकर रहना ।
दुनिया में अपना नाम, सबसे ऊँचे शिखर पर रखना ।।
???? —लक्ष्मी सिंह

Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more
Recommended Posts
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
**बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ** पढ़ेगी बेटी आगे बढ़ेगी बेटी । बेटों से भी बढ़कर चमकेगी बेटी । जग में नाम रोशन करेगी बेटी । हर... Read more
( बेटी )
( बेटी ) क्या मेरा हैं कसूर तू बता दे मेरी माँ कही गड्ढे में कही नाली में क्या यही हैं मेरी पहचान माँ मेरी... Read more
पात्र- माँ , बेटी , पिता और सूत्रधार ************************** *** सूत्रधार - आज देश में कई प्रकार की बुराइयाँ फैली हुई है | इन बुराइयों... Read more
क्यो बेटी मारी जाती है
हे माँ बतला इक बात मुझे,क्यो बेटी मारी जाती है| कल माँ भी तो बेटी थी माँ ,फिर क्यो जिंदा रह जाती है|| बेदो मे... Read more