.
Skip to content

एम.ए.पास न होता (गीत)

ईश्वर दयाल गोस्वामी

ईश्वर दयाल गोस्वामी

गीत

March 29, 2017

दिन भर करता काम-काज
मैं, रात नींद भर सोता ।
कितना अच्छा होता जो मैं
एम.ए. पास न होता ।।

गांव छोड़कर क्यों मैं रहता
इस शहरी माहौल में ?
क्यों आगे मैं करता खुद को
रोज़गार की दौड़ में. ?
नेताओं के पीछे लगकर
क्यों ईमान को खोता. ?

बड़े भोर उठकर के मैं तो
जाता अपने खेत पर ।
रोटी रख देती फिर माता
सब्जी, चटनी, प्यार भर ।
प्यार भरी वह रोटी खाकर
खेत में गेहूं बोता ।।

श्रमबिंदु लेकर माथे पर
वापस आता शाम को ।
माता के दर्शन से मित्रो
पा जाता आराम को ।
मातृस्पर्श की मृदु-छाया में
सदा प्रफुल्लित होता ।

कितना अच्छा होता जो मैं
एम. ए. पास न होता ।।

ईश्वर दयाल गोस्वामी ।
कवि एवं शिक्षक ।
” यह गीत मैंने अपने विद्यार्थी जीवन में रचा था ।”

Author
ईश्वर दयाल गोस्वामी
-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार... Read more
Recommended Posts
सोचा रात भर मैंने
सोचा रात भर मैंने, मैं क्यों तक़लीफ़ सहता हु, मर्ज़ मेरा तुमको पता है, मैं फिर क्यों दर्द सहता हु, आईने के सामने खड़े होकर,... Read more
मैं और तुम
मैं और तुम मैं प्यासा सागर तट का मैं दर्पण हूँ तेरी छाया का मैं ज्वाला हूँ तड़पन का मैं राही हूँ प्यार मे भटका... Read more
..... गीता ...
.... ..गीत.. हे ! पार्थ सुनो परिचय मेरा हम में तुम में अणु कण में मैं सर्वत्र सदा आभिनय मेरा फूलों कलियों काँटों में मैं... Read more
II....मिलन के गीत...II
विरह से मैं ऊब गया अब , आज मिलन के गीत लिखूंगा l निष्प्राण झील सी नीरवता तज, अब मैं निर्झर नीर बनूंगा ll विरह... Read more