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एक से हम हो गए

ashok ashq

ashok ashq

गज़ल/गीतिका

April 28, 2017

बाँहो में तेरे मचल कर एक से हम हो गए
ख्वाब में तेरे उतरकर एक से हम हो गए

हसरतें मुझमे बहुत है बस तुझे पा लें सनम
आरजू में यूँ फिसलकर एक से हम हो गए

दर्द ही बिस्तर मेरा काँटे भरे हैं रास्ते भी
इस डगर से ही गुजर कर एक से हम हो गए

है बड़ा रिस्ता पुराना आज तक ग़म साथ है
सह गए सब देख हँसकर एक से हम हो गए

जां लुटाने आ गया तुम पर दीवाना है बड़ा
इश्क़ में कुछ दूर चल कर एक से हम हो गए

एक आवारा तू नही इश्क का ये है असर
ज़िन्दगी ये वार तुम पर एक से हम हो गए

– ‘अश्क़’

Author
ashok ashq
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