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एक शांत मौन…..

Dinesh Sharma

Dinesh Sharma

कविता

August 11, 2016

आओ इस कोरे कागज पर
कुछ लिख देते है
ना मिटने वाला शब्द
जो दिल की गहराई में उतर जाये
शब्द तो शब्द है
शब्द के अर्थ भी होंगे
अर्थ के कई मायने होंगे,
कुछ दिल में उतरेंगे,कुछ दिल के पार होंगे
तीर के साथ,
शब्द तो लिखे भी जाते है
और बोले भी
कुछ शब्द होते है गहरे मौन
जिसे लिखा भी नही जाता
न ही बोला समझा पढ़ा जा सकता है,
केवल अनुभव कर सकता है….
दिल की गहराइयो में छिपा मौन
शांत सा मौन……
कागज कोरा ही रह गया
जान लिया था दिल की गहराइयो में छिपा शांत सा मौन,जो केवल मौन ही समझता था
केवल मौन ही जो था शब्दों से परे।।

^^^^^^दिनेश शर्मा^^^^^^

Author
Dinesh Sharma
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।
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