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एक मुद्दत की प्यास बुझ जाए

Pritam Rathaur

Pritam Rathaur

गज़ल/गीतिका

April 20, 2017

वज़्न — 2122 – 1212– 22
अर्कान– फाइलातुन मुफाइलुन फेलुन
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ग़ज़ल
~~~~~
इक न इक दिन मुझे बुलाएगी
याद मेरी उसे रुलाएगी

ठोकरों में मुझे अभी रक्खा
एक दिन तो यकीन लाएगी

चैन पाये न जब अकेले वो
पास आकर गले लगाएगी

कब से सूखे गुलाब दिल के है
कब चमन में बहार आएगी — गिरह

सारे शिकवे गिले भुला कर वो
मेरी बाहों में कसमसाएगी

एक मुद्दत की प्यास बुझ जाए
जाम आँखों से जब पिलाएगी

रूठ जाऊँ अगर कभी उससे
प्यार से वो मुझे मनाएगी

रूप निखरेगा और भी “प्रीतम”
प्यार के रंग मे जब नहाएगी

Author
Pritam Rathaur
मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है... Read more
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