एक मुक्तक

एक- मुक्तक
●●●
गिरे हैं गर्त में फिर भी ऊँचाई ढूंढ लेंगे हम
हलाहल पी लिया लेकिन सुधा भी ढूंढ लेंगे हम
दया के नाम पर जीयें कभी ये हो नहीं सकता
अभी बाजू सलामत हैं कि रोटी ढूंढ लेंगे हम

– आकाश महेशपुरी

1 Like · 157 Views
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मूल नाम- वकील कुशवाहा माता- श्री मती...
You may also like: