एक मुक्तक --आर के रस्तोगी

घर घर दीपक जलाना है हमे |
हौशले के साथ बढ़ते जाना है हमे ||
रोक सके न कोई हमे इस डगर से |
केवल कोरोना को हराना है हमे ||

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

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I am recently retired from State bank of India as Chief Mnager. I am M.A.(economics)...
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