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एक दोहा

DrMishr Sahaj

DrMishr Sahaj

दोहे

February 9, 2017

अन्दर से बेशक हुआ,बिखरा- चकनाचूर.
चेहरे पर कम ना हुआ,पर पहला सा नूर.
@डॉ.रघुनाथ मिश्र ‘सहज

Author
DrMishr Sahaj
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