एक दुआ ये भी

हे मेरे मालिक मेरे हिन्दुस्तान पर ऐसी दया दृष्टि बनाये रखना,
दो वक़्त की रोटी मेरे प्रभु हर किसी की थाली में सजाये रखना।
ये कैसा इंसाफ पिता को लगे छप्पन भोग और संतान भूखी रहे,
हे प्रभु छप्पन भोग नहीं देना पर हर घर में चूल्हा जलाये रखना।

©® #डॉसुलक्षणाअहलावत

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लिख सकूँ कुछ ऐसा जो दिल को छू जाये, मेरे हर शब्द से मोहब्बत की...
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