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एक अजनबी हमसफर बनने वाला हे !

pratik jangid

pratik jangid

कविता

November 17, 2016

कुछ पल का साथ अब हर पल का होने वाला हे !
देखते ही देखते एक अजनबी हमसफर बनने वाला हे !
छोडूगा न कभी साथ तेरा यह भी खुद से किया उसने ये वादा हे !
न कोई शिकवा न गिला न कोई और इरादा हे !
कुछ यादो और रिशतो से बनाया हमने ये नाता हे !
कुछ पल का साथ अब हर पल का होने वाला हे !
देखते ही देखते एक अजनबी अब हमसफर बनने वाला हे !
विश्वाश और प्यार क बल पर रची हमने यह लीला हे !
एक तू खुश एक में खुश बस यही जिंदगी का का मेला हे !
जिंदगी के सफ़र में अब एक हाथ मेरा और एक हाथ तेरा हे !
कुछ पल का साथ अब हर पल का होने वाला हे !
देखते ही देखते एक अजनबी अब हमसफर बनने वाला हे !

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Author
pratik jangid

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