कविता · Reading time: 1 minute

उड़ान

उड़ान
……… ………

चलो महसुस करें अपनी उड़ान को
अपेक्षाओं के सुन्दर आसमान को
ये ऐसे ही नहीं संघर्ष से आता है
यह मात पिता के चरणों का प्रताप है
श्रेष्ठ जन के मार्गदर्शन का प्रभाव है
यह दृढसंकल्प का नतीजा है
हमने संकल्प साधना से पाया है
उड़ान अपने विश्वास की
उड़ान हौसले, उमंग और उत्साह की
उड़ान मतलब सतत प्रयत्न का फल
उड़ान जागती आंखों से
दिखे स्वप्न का प्रतिफल
अम्बर को छू लेने का दम।
चलो महसुस करें अपनी उड़ान को।
……….
©®पं.संजीव शुक्ल “सचिन”
04/12/2017

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