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उसकी कोई जात नहीं है

******उसकी कोई जात नहीं है****
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मैं घोर निंदा करता हूं श्रीलंका पर हुए इस आत्मघाती हमले की
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यह वह दर्द है जो खामोश नहीं बैठेगा
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बुझ दिली है सरासर ये,कोई अच्छी बात नहीं
हमने भी मिलकर ना इनको ,दिखलाइऔकात नहीं

आतंकवाद से सहमा है, विश्व पटल सारा लेकिन
आतंकवाद को खत्म करने, की दे पाए सौगात नहीं

चन्द् दरिंदे जब जी चाहे, जान लूट ले जाते हैं
आंखों में नफरत के आंसू, बहते कभी बे बात नहीं

विश्व पटल पर आतंकवाद को ,जब जी चाहे खत्म करें
लेकिन नेताओं को इनसे, करनी कभी भी घात नहीं

भाषण बाजी झूठे आंसू ,लेकर ये बीच आ जाएंगे
मर्दों वाली बात कभी , इनकी बातों में बात नहीं

जनता को ही जगना होगा ,खत्म यह दहशत करने को
आतंकी बस है आतंकी , उसकी कोई भी जात नहीं

आओ करे कुछ हल हम मिलकर ,जो मानवता बच जाए
नेताओं पर देश छोड़ना , अब यह अच्छी बात नहीं

कहां नहीं यह हुए हादसे , मगर सांत्वना ही मिलती
मगर कभी सरकारों के , जगते ये जज्बात नहीं

आतंकवाद को जब चाहें , खत्म यह सरकारें कर दें
आखिर” सागर” सरकारों की, क्या इतनी भी औकात नहीं?
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बेखौफ शायर/ गीतकार /लेखक …..
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डॉ नरेश “सागर”
……..22/4/19=====9897907490

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Naresh Sagar
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hapur
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