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उषा का स्वागत

satyendra agrawal

satyendra agrawal

कविता

June 29, 2017

प्रिय उषा को जन्म दिन पर भेंट

पौष की ठिठुरन में धूप का टुकड़ा लिए
अमावस की रात में अमृतमय चांदनी लिये
जेठ की तपती दोपहर मे सावन की फुहार लिए
मधुर मुस्कान,नई उमंगे लिये,सारे रंगों को समेटे,खुशिया बिखरती आई हो तुम
स्वागत करता हूं भोर की उषा का बाहो के हार लिये

डॉ सत्येन्द्र कुमार अग्रवाल

Author
satyendra agrawal
चिकित्सा के दौरान जीवन मृत्यु को नजदीक से देखा है ईश्वर की इस कृति को जानने के लिए केवल विज्ञान की नजर पर्याप्त नहीं है ,अंतर्मन के चक्षु जागृत करना होगा
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