Jun 11, 2017 · तेवरी
Reading time: 1 minute

उल्लाला छंद

उल्लाला छंद

मृगनयनी है राधिका,मोहन चंचल मन अधीर।
लाज हया सब भूलकर,मिलते हैं यमुना तीर।

जाने जो बात हिय की, सुमीत उसे कहते हैं।
छू जाये सबका हृदय, संगीत उसे कहते हैं।

देशभक्त हुए शहीद जो,अमर उनकी प्रीत है।
सुदेश है गाता जिसे, वो वही विजय गीत है।

धक धक धड़के रे हिया,शरद चांदनी रात में।
कौंध रही पिया बिजुरी,बिन मौसम बरसात में।

नीलम शर्मा

1 Like · 2 Comments · 569 Views
Copy link to share
Neelam Sharma
372 Posts · 18.3k Views
Follow 2 Followers
You may also like: