Skip to content

उम्र की झुर्रियां चेहरे पे झलक जाती हैं

Akib Javed

Akib Javed

गज़ल/गीतिका

December 7, 2017

छलकता जा रहा हैं वो जाम अब
खुशियां मयखाने में मिला करते हैं

उम्र की झुर्रियां चहरे पे झलक जाती हैं
लोग फिर भी यहाँ जवान हुआ करते हैं

दिन में जो ना कभी इक बार दिखा करते हैं
वो हमें ख्वाब में हर रोज़ मिला करते हैं

देख कर अपने ही हाल पर खुद रोना आया
देखते ही तुम्हे सारे गम भुला दिया करते हैं

तेरा मिलना और यूँ मिल कर बिछड़ जाना
इन अदाओं पे ही हम फ़िदा हुआ करते हैं

भुला दिया उसको वो बेवफा जो ठहरे
लोगो से प्यार करके जो दगा करते हैं

वो इठलाना बलखाना शर्माना तेरा
सरे राह यूँ बदनाम हुआ करते हैं

कोई तुझे देख कर होश गंवा दिया करते हैं
कोई तुझे लिख कर यादो में ही जिया करते हैं

मुकद्दर से जो वो कँही दिखा करते हैं
खुदा से हम मिलने की दुआ करते हैं।।

®आकिब जावेद

Share this:
Author
Akib Javed
From: बाँदा
मेरा नाम आकिब जावेद है| पिता - श्री मो.लतीफ़ , माता- श्रीमती नूरजहां | मैं एक छोटे से क़स्बे बिसंडा जिला बाँदा (उत्तर प्रदेश) का निवासी हूँ| जन्मतिथि- 06-02-1993, शिक्षा- स्नातक कंप्यूटर साइंस, उत्तीर्ण- प्रथम श्रेणी, सत्र-2012, कालेज- अवधेश प्रताप... Read more
Recommended for you