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उम्र का तगाजा है,

Yash Tanha Shayar Hu

Yash Tanha Shayar Hu

कविता

May 12, 2017

उम्र का तगाजा है,
साँसों की फितरत है,
दोनों ही निकल जाती है,
मरहूम करके यंहा,

कोई शान समझता है,
कोई ईमान समझता है,
खोखले उसूलो में रहकर,
कोई खुद को भगवान समझता है,
प्यार में कोई जीवन नहीं,
जीवन मुस्कराहट है,

जब तक रहती है पहलु में,
सुनती नहीं कोई आहत है,

Author
Yash Tanha Shayar Hu
Yash Pal Sejwal born 10th March 1980 is a Poet,Lyrics,Songs writer from Delhi, I create and started writing on Facebook page "Tanha Shayar Hu" IN JANUARY 2016. This is my collection of Poems, Lyricis, and Shayari : Facebook page :... Read more
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