उफ़ 3

छिपाकर रखती है खुलकर नही आने देती ।
दिल की बातो को वो बाहर नही आने देती ।
न जाने कौन -सी शर्मो -हया मे लिपटी है ।
प्यार करती है जाहिर नही होने देती ।

अपनी नजरो से मै तेरा दीदार करता हूं ।
तुझपे अपना मै ये जीवन निसार करता हूं ।
इतना शर्माता हूं तुझसे कि कह नही पाता ।
मगर मैं खुद से अधिक तुझसे प्यार करता हूं ।

Rj Anand & vinamra

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