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उन्हें प्रणाम

आनन्द कुमार

आनन्द कुमार

कविता

August 15, 2017

हे ! स्वतंत्र देश के वासी ,
निश्छल निष्पाप हृदय राशी
जो दे गये तुम्हें अमृत दान ,
कर जोड़ करो उन्हें प्रणाम ।
जो मिट गये इस भू पर आजादी की करके पुकार
गुणगान करो तुम उनका करके जयकार ,
हृदय में रखो उनके लिये मान
कर जोड़ करो उन्हें प्रणाम ।
‘गाँधी’ , टैगोर और बोस ,
आजादी का करके जयघोष
जो दे गये हमे , अमूल्य रत्न
करके ‘सत्य-अहिंसा’ का प्रसंग ,
हमको उन पर है , अभिमान
कर जोड़ कर रहे उन्हें प्रणाम ।
वो आजादी के परवाने
भारत माँ के दीवाने
जिन्होंने आजादी के नाम पर
रख लिया अपना नाम
कर जोड़ कर रहे उन्हें प्रणाम ।
उन ‘शहीद-ए-आजमों’ का सर्वत्र हो रहा जयघोष ,
जो दे गये दिव्य-अलौकिक सन्देश ,
जिनका रविमण्डल सा विखर रहा प्रकाश
उनको नमन करने की अभिलाष ,
जो भू पर अमर कर गये स्वनाम
कर जोड़ कर रहे उन्हें प्रणाम ।।
– आनन्द कुमार

Author
आनन्द कुमार
आनन्द कुमार पुत्र श्री खुशीराम जन्म-तिथि- 1 जनवरी सन् 1992 ग्राम- अयाँरी (हरदोई) उत्तर प्रदेश शिक्षा- परास्नातक (प्राणि विज्ञान) वर्तमान में विषय-"जीव विज्ञान" के अन्तर्गत अध्यापन कार्य कर रहा हूँ । मुख्यत: कविता, कहानी, लेख इत्यादि विधाओं पर लिखता हूँ... Read more
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