गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

उनकी पायल में

कितने सावन बरसे होंगे एक ही पल में,
जब घुंघरू खनका होगा उनकी पायल में,

अरमानों के बादल में कोई आग लगाने आ जाए,
हंसने की किसको चाहत है,वो मुझे रुलाने आ जाए,

सूनापन हर देहरी पर, हर मोड़ पर सन्नाटा छाया है,
हर आहट पर ऐसा लगता है,तू ही लौट कर आया है,

फिर से जब घुंघरू खनकेगा, जीवन की कच्ची राहो में,
सावन होगा हर मौसम और बारिश होगी बाहों में।

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