उत्पाद और हम

उत्पाद और हम
// दिनेश एल० “जैहिंद”

देखके टाइगर के बिस्कुट ना-ना करते बच्चे ।
खाके बिस्कुट पार्ले जी कहते कितने अच्छे ।।

शक्तिमान यों चक्कर खूब चलाया बच्चों पर ।
हुआ फ़ेमस भारत में सोनी टीवी घरो घर ।।

जब से देखा बच्चों ने बालवीर को टीवी पर ।
भूत हुआ सवार वीर बनने का उनके ऊपर ।।

पापा मुझे दिला दो अब सैमसंग का फोन ।
हो चुका पुराना अब तो नोकिया का टोन ।।

हीरो-होंडा से ना जाऊँ मैं तो अब कॉलेज ।
मुझे ला दो आप फिर तो बुलेट गाड़ी तेज़ ।।

रीबॉक का बैग चाहिए एच•पी का लैपटॉप ।
तब देखना पापाजी मेरा नॉलेज ग्रोथ-शॉप ।।

अठन्नी छाप मुस्की छोड़ बोली बिटिया रानी ।
पापा आना बाज़ार से लेके पाउडर हिमानी ।।

लगे हाथ ले लेना पापा बोरो प्लस संग नूरानी ।
लक्स, फ़ेयर एंड लवली और तेल कोई यूनानी ।।

बाल काला करने हेतु माँ को चाहिए भासमोल ।
दर्द भगाने हेतु लाना हमदर्द की शीशी अनमोल ।।

और आगे बोली बिटिया मुँह बनाके गोल-मटोल ।
लेते आना पापा मेरे सुधा के रसगुल्ले गोल-गोल ।।

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दिनेश एल० “जैहिंद”
06. 01. 2018

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