Aug 21, 2016 · कविता
Reading time: 1 minute

उड़ान


हौसलों ने आसमान
छुआ हो या ना छुआ,
पर सब्जियों ने
जरूर छू लिया।
दिल ऊडान भरे
चाहे ना भरे पर,
महंगाई ने ऊडान
जरूर भर ली है।
दो जून की रोटी
गरीब को कहाँ नसीब
पर अमीरों की महफिल
जरूर सजी हैं।

10 Views
VEENA MEHTA
VEENA MEHTA
5 Posts · 467 Views
You may also like: