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उठो, जागो

Khoob Singh 'Vikal'

Khoob Singh 'Vikal'

कविता

May 28, 2017

उठो, जागो लक्ष्य पूर्ति को निकल पड़ों तुम।
चुनौतियों से टकराकर आज सफल बनों तुम।।
खूब सिंह ‘विकल’
28 मई 2017

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Author
Khoob Singh 'Vikal'
मेरी बातों से आप का सहमत होना जरुरी नहीं, आप ने मेरी बातों को पढ़ा इसके लिए हृदय से आपका अनंत साधुवाद...
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