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” उठे हिया में हिलोर ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

April 7, 2017

द्वार पे आकर ,
लौट गये तुम !
उम्मीदें सब यों ,
हो गई गुमसुम !
सजे धजे अरमान –
ढूंढे प्यार का छोर !!

स्वप्न सजे फिर ,
बिखर गये हैं !
हम तो हर पल ,
सिहर गये हैं !
अकुलाया मन चाहे –
परिवर्तन का दौर !!

दिन दिशा बदले ,
हम सोचते यही !
खुशियों का नर्तन ,
फिर होगा सही !
बिसुरा नहीं पाओगे –
है चाहत पुरजोर !!

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Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more

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