गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

इस राह से गुजरते

इस राह से गुजरते तुम्हे देखा था कहीं से
ये वक़्त वो नहीं है पर में गुजरा हूँ यहीं से

करके ये तमन्ना के आजाओ तुम कहीं से
आओगे अब नहीं पर में गुजरा हूँ यहीं से

बातों में बात करते तुम बातों की हंसी से
दिखोगे अब नहीं पर में गुजरा हूँ यहीं से

ले जा रही हे खुशबू मिला के यादो में तुम्ही से
तुम नहीं तो क्या पर में गुजरा हूँ यहीं से

इस रह से गुजरते फिर गुजरा हूँ यही से

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