गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

[[ इस जहाँ के अँधेरे मिटायेंगे हम ! एक सूरज नया फिर उगायेंगे हम !! ]]

? मत्ला
*** 1 ***
इस जहाँ के अँधेरे मिटायेंगे हम
एक सूरज नया फिर उगायेंगे हम
*** हुस्ने मत्ला 2 ***
एक मत्ला तुम्हे अब सुनायेंगे हम
प्यार से फिर उसे यार गायेंगे हम
*** 3 ***
ख़्वाब हमने सजाये तुम्हारे लिए
रात ख़्वाबो में तुमको बुलायेंगे हम
*** 4 ***
ख़्वाब में तुम हमारे चले आना फ़िर
प्यार जितना है उतना लुटायेंगे हम
*** 5 ***
अब तुम्हें पास अपने बिठाकर सनम
इक ग़ज़ल प्यार की गुनगुनायेंगे हम
*** 6 ***
साथ तेरा मिले , बस यही चाह है
आसमां को भी छू कर दिखाएंगे हम
** 7 **×
चाहतो का सफ़र यार जैसा भी हो
उम्र भर साथ तेरा निभायेंगे हम
*** 8 ***
छोड़ कर ,वो गये बीच जो राह में
ज़िन्दगी भर उन्हें याद आयेंगे हम
*** 9 ***
नीर जो बह गए है नयन से मे’रे
एक मोती भी अब ना गिरायेंगे हम
*** 10 ***
अब चिरागों से रोशन हुई ज़िन्दगी
अब सदा ही यहाँ जगमगायेंगे हम
*** 11 ***
जिंदगानी फ़क़त चार दिन की नितिन
यह हक़ीक़त सभी को बतायेंगे हम

■■■ नितिन शर्मा ■■■

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