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इश्क़ में डूबने से दिल को बचाऊँ कैसे

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

December 8, 2017

इश्क़ में डूबने से दिल को बचाऊँ कैसे
ये है सागर से भी गहरा ये बताऊँ कैसे

हर जगह आप ही हमको तो नज़र आते हो
दूर जाना भी अगर चाहूं तो जाऊँ कैसे

खारे पानी का समन्दर है जिधर भी देखो
प्यास मैं अपनी बुझाऊँ तो बुझाऊँ कैसे

कैसा तूफान उठा आज मेरी बस्ती में
रेत का घर है हवाओं से बचाऊँ कैसे

अब समझ आता नहीं तुझसे यहां मिलने को
मैं नये रोज बहाने भी बनाऊँ कैसे

है चमक आँखों में , खिलती ये गुलाबी रंगत
राज़ इस दिल का बता दे मैं छुपाऊँ कैसे

दिल धड़कने से भी बेचैनियाँ बढ़ जाती है
रोग है प्रेम का उपचार कराऊँ कैसे

झूठ इस दिल ने ही बोला भी है माना भी है
इस को मैं आइने जैसा ही बताऊँ कैसे

बसते हैं ‘अर्चना’ आंखों में तुम्हारे सपनें
बह न जायें कहीं इनको मैं रुलाऊँ कैसे

08-12-2017
डॉ अर्चना गुप्ता

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Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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