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||इश्क़ का दर्द ||

Omendra Shukla

Omendra Shukla

कविता

January 12, 2017

“तुम जब जब याद आओगे
हरदम मुझको तड़पाओगे
बसे हो जो तुम यादों में मेरे
हर लम्हा ख़ामोशी बढ़ाओगे ,
टूटे वादे ,रूठे किस्से
नए अरमान कौन सजाएगा
यादों की खाई में है पड़ा हुआ
फिर बसंत कौन बहायेगा ,
वो ख़ामोशी की लब्जो में
बाते नयनों में कैसे होंगी
टूटी जो ये प्रेम की धारा
फिर से शुरू कहा होंगी ,
विरह की यातनाये तेरी वो
पनघट की याद दिलाएंगी
सूखे पड़े उदधि में फिर से
आखों का जल भर जाएँगी ,
कब तक वीराना गुलशन होगा ये
कब तक दर्द से थर्रायेगा
होंगे फिर साथ कभी हम दोनों
वो वक्त नजर कब आएगा ,
बड़ी बेबशी छायी है आखों में
दर्द का सागर भरा है दिल में
कब तक चलेगा प्रेम का पहिया
जाने कब मिल जायेगा मंजिल में ||”

Author
Omendra Shukla
नाम- ओमेन्द्र कुमार शुक्ल पिता का नाम - श्री सुरेश चन्द्र शुक्ल जन्म तिथि - १५/०७/१९८७ जन्मस्थान - जिला-भदोही ,उत्तर प्रदेश वर्तमान पता - मुंबई,महाराष्ट्र शिक्षा - इंटरमीडिएट तक की पढाई मैंने अपने गांव के ही इण्टर कॉलेज से पूर्ण... Read more
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