कविता · Reading time: 1 minute

इश्क़ के हँसते-रोते फ़साने बहुत देखे ….

इश्क के हँसते-रोते फ़साने बहुत देखे
इश्क में खुशी-गम के तराने बहुत देखे
अब तो उचाइयो पे जाने से भी डरते है
इश्क में टूटते अच्छे-अच्छे सितारे बहुत देखे।(अवनीश कुमार)

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