Dec 4, 2017 · दोहे
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इनसे रहें सतर्क

सही गलत का आदमी,नही समझता फर्क !
बैरी कुंदन कामिनी, .. .. इनसे रहें सतर्क !!

रूप रंग को देखकर,…नहीं बनाना मीत !
सोना हो सकती नहीं,कभी धातु हर पीत !!

पढा किताबों मे सदा,… हमने यही रमेश !
सोने की चिडिया कभी, कहलाता था देश !!

होता है हर वस्तु का, अपना अलग प्रयोग !
आए लोहे की जगह. कब सोना उपयोग !!
रमेश शर्मा

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RAMESH SHARMA
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दोहे की दो पंक्तियाँ, करती प्रखर प्रहार ! फीकी जिसके सामने, तलवारों की धार! !... View full profile
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