.
Skip to content

इजाजत है सितम कर लो

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'

गज़ल/गीतिका

July 7, 2016

*****************************************
*गजल*
सदा-ए-दिल
इजाजत है सितम कर लो मगर फिर भी दुआ देंगे।
तुम्हें तकलीफ गर हो तो ते’री दुनिया भुला देंगे।

हमारी हो गयी आदत गमों के संग जीने की।
रहो तुम खुश सदा खातिर तेरी खुश को मिटा देंगे।

रहे तुम बेवफा हरदम दगा तुम दे गये मुझको।
बताकर बावफा तुमको हकीकत ये छुपा देंगे।

हमें मालूम है तुम तो हमेशा रँग बदलते हो।
करे बदनाम तुमको जो वजह सारी मिटा देंगे।

जरूरत हो गयी पूरी किया बेजार खुद से है।
मगर हम प्यार के मतलब तुझे भी अब सिखा देंगे।

जरा इक बार कह दो तुम खता क्या हो गयी मुझसे।
‘इषुप्रिय’ कर तुझे आबाद खुद का दिल जला देंगे।

इषुप्रिय शर्मा ‘अंकित’
सबलगढ(म.प्र.)

Author
अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
कार्य- अध्ययन (स्नातकोत्तर) पता- रामपुर कलाँ,सबलगढ, जिला- मुरैना(म.प्र.)/ पिनकोड-476229 मो-08827040078
Recommended Posts
-: मेरे महबूब तुम सदा मुस्कुराना :-
Sahib Khan गीत Dec 10, 2016
मेरे महबूब मुझे न भुलाना, ख़ुशी हो या गम सदा मुस्कुराना, उस परिंदे के हाथो भेजेंगे ख़त, जिसे भूल गया हो जमाना, मेरे महबूब तुम... Read more
जान को मेरी....
??? ग़ज़ल ??? बह्र - 212 - 212 - 212 - 212 ?????????? जान को मेरी अब यूँ निकालो न तुम। आज सीने से मुझको... Read more
पास माँ बाप को सदा रखना
आदमीयत न तुम जुदा रखना दिल में थोड़ी सी तो वफा रखना ? लाख कर ले सितम ज़माना ये तुम न दिल में कभी जफ़ा... Read more
सदा खुश रहो
प्रिय अभिनीत को, दुआ है मेरी तुम सदा खुश रहो सदा खुश रहो, सदा खुश रहो खुशियों से भरा रहे जीवन तुम्हारा उन खुशियों में... Read more