Skip to content

इक रेशमी रुमाल

Kapil Kumar

Kapil Kumar

मुक्तक

October 10, 2016

दीवाना कर गया मखमली सवाल आपका
था वो हक़ीक़त या फिर इक ख्याल आपका
********************************
ढूंढता रहा रात भर निशां तेरे ख्वाबों में मै
मिला सुबह रुख पे इक रेशमी रुमाल आपका
*********************************
कपिल कुमार
10/10/2016

Author
Kapil Kumar
From Belgium
Recommended Posts
आपका सज़दा किया...
""" इक ज़रा सा अब्र का कतरा सिरहाने पर रखा.. और धनक़ का छोर लेकर के रिदा को बुन लिया.. ले शफ़क को संग की... Read more
खुद पे ही इक ये अहसान किया है किया है मैने
खुद पे ही इक ये अहसान किया है मैने खुद को खुद से ही अंजान किया है मैने ****************************** मेरे दुश्मन भी अब देते हैं... Read more
चाँदनी खिलने लगी, मुस्कुराना आपका
चाँदनी खिलने लगी, मुस्कुराना आपका देखकर खुश हैं सभी, दिल लुभाना आपका है वो क़िस्मत का धनी, आपका जो हो गया चाँद भी चाहे यहाँ,... Read more
बेटी  के बोल
÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷ *उन्वान बेटी* 221 2122 221 2122 ÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷ इक बात पूछना है इतना मुझे बता दो। * ( इतना मुझे बता दो।) इक प्रश्न पर... Read more