गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

आज़ाद गज़ल

खुदा की मुझ पर इनायत यही है
करता कोई मुझसे नफरत नही है

लाख दर्द मिले हैं दुनिया वालों से
मुझे किसी से शिकायत नही है ।

किसने है किया मेरे हक़ में बुरा
याद रखना मेरी रवायत नही है ।

मिलता हूँ सबसे मुस्कुरा कर मै
उदास रहना मेरी आदत नही है ।

ज़िंदगी मेरी मुझसे रहती खफ़ा है
और मौत को मुझसे मुहब्बत नही है ।
-अजय प्रसाद

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