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आज़ादी

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

दोहे

August 12, 2016

लिख आज़ादी खून से ,सौंपी हमें लगाम
रक्षा करना देश की , अब हम सबका काम

आज़ादी के जश्न में , डूबे सारी रात
जोश भरा था खून में ,दिल में थे जज्बात

लोकतंत्र में माँगते, सब अपने अधिकार
थोड़ा तो समझो यहाँ , कर्तव्यों का भार

आपस की यह एकता,है भारत की शान
भेद भाव सब भूलकर,रखना इसका मान

मानवता से है बड़ा, यहाँ न कोई धर्म
सेवा करना दीन की ,सबसे उत्तम कर्म

देशभक्ति के अब कहाँ ,पहले जैसे गीत
भाव शून्य से शब्द हैं ,तेज बहुत संगीत

डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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