कविता · Reading time: 2 minutes

आह्वान

शुभकामनाएँ………..
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“आह्वान”
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हे ! भारत की महाभाग ,
गौरव की गाथा नारी |
आह्वान हो रहा तेरा ,
अब जाग-जाग तू प्यारी ||
तू ही दुर्गा,तू ही काली ,
तू ही महामाया है…..
तू लक्ष्मी, तू सरस्वती ,
तू ही जगदम्बा है |
तेरी महिमा का पार नहीं ,
तू जीवन – संचारी ||
हे ! भारत की महाभाग ,
गौरव की गाथा नारी |
आह्वान हो रहा तेरा ,
अब जाग-जाग तू प्यारी ||
तेरे आँचल की छाँव से ,
शीतल कोई मुकाम नहीं |
तू सब जग-जननी है ,
तेरे जैसा कोई धाम नहीं ||
अनमोल धरोहर है तू ,
तेरी हस्ती कोई आम नहीं |
हे ! अन्नपूर्णा सुन !
तुझ बिन पूरा कोई काम नहीं ||
तू त्याग-प्रेम की,
अमर कहानी है |
तेरी ममता सबसे न्यारी |
हे भारत की महाभाग ,
गौरव की गाथा नारी |
आह्वान हो रहा तेरा ,
अब जाग-जाग तू प्यारी ||
तू धरती ,सब जग का पालन करती ,
हिम्मत और ताकत से !
तू सबका दामन भरती |
तू सीता बन दु:ख सहती ,
अमृत की धारा बहती |
सावित्री बन कर तू ,
यमराज से भी लड़ जाती |
तेरे साहस की गाथा को ,
कोई गा न सका अवतारी |
हे ! भारत की महाभाग ,
गौरव की गाथा नारी |
आह्वान हो रहा तेरा ,
अब जाग -जाग तू प्यारी ||
तू कितने गुणों की खान ,
नहीं तुझसा कोई महान् |
तू जान वतन की है……
झाँसी बन देती जान ||
बारूद बन जाती है ,
बन जाती तीर-कमान |
अब जाग ‘गरिमा’ तू !
और खुद को ले पहचान |
सब विश्व भरा जीवन ,
तेरे काम चमत्कारी !
हे ! भारत की महाभाग ,
गौरव की गाथा नारी |
आह्वान हो रहा तेरा ,
अब जाग-जाग तू प्यारी ||
तेरी आँखों की ज्योति से ,
सारा जग रोशन है …..
तेरी हँसी की बिजली से ,
बदले कई मौसम हैं ||
तेरे कदमों की आहट से ,
हिल जाए सारा जमाना |
तू बन शक्ति रूपा…….
नहीं चलेगा कोई बहाना ||
अब वक्त के आँसू पौंछ ,
आँचल से तू महतारी ,
हे ! भारत की महाभाग ,
गौरव की गाथा नारी |
आह्वान हो रहा तेरा !
अब जाग-जाग तू प्यारी ||

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— विमला महरिया “मौज”
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