मुक्तक · Reading time: 1 minute

” आसान नही होता है “

अंजाने से बात ना करने की सलाह देने वाले,
अजनबी के साथ ना जाने के संस्कार देने वाले,
पिता का एक अनोखा चेहरा होता है ।
जिंदगी भर के लिए,
एक अंजाने का हाथ पकड़ा देना,
अंजाने रिश्तो के बीच छोङ देना ,
उसके लिए आसान नही होता है ।

हल्की खरोंच पर आंखो मे नमी भर जाने वाले,
कांटो से बचा कर अपनी बगिया के कली को गुलाब बनाने वाले,
पिता का एक नि:स्वार्थ कर्म होता है ।
अपनी बगिया उखाड़कर,
अंजाने के आंगन मे तुलसी लगाना ,
उसके लिए आसान नही होता है ।

दो मिनट के देरी पर घबरा जाने वाले,
एक पल के लिए भी आंखो से ओझल ना करने वाले,
पिता का एक धैर्यवान चरित्र होता है ।
महीनों बाद पल भर के लिए देखकर ,
सदियो का आनंद पाना,
उसके लिए आसान नही होता है ।

अंधेरे – अकेले रास्तो पर हाथ ना छोड़ने वाले,
थके नन्हे पांवो के लिए घोड़ा बनने वाले,
कंधे पर बैठाकर घंटो मेला घुमाने वाले,
पिता का एक मजबूत दिल होता है ।
अपने कलेजे के टुकड़े को,
दान कर देना ,
उसके लिए आसान नही होता है ।

उसके कलेजे के टुकड़े के साथ-साथ,
उसके जमीन की कामना करने वालो,
बेटी का पिता होना आसान नही होता है ।
उसकी असली संपत्ति ले जा कर भी,
तुच्छ कागज़ो की तुलना करने वालो ,
बेटी का दान कोई आसान नही होता है ।

– ज्योति

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