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आशा और कोशिश

Bikash Baruah

Bikash Baruah

कविता

August 13, 2017

आशा की उड़ान सभी
भरते है मगर हर कोई
मंजिल तक पहुंचते नहीं,
रह जाते है जो दूर
मंजिल से अपनी
कर नही पाते वे
जीवन में कुछ भी,
फिर भी आशा की
पतंग उड़ाने की कोशिश
क्यों न करे सभी,
हार जीत तो जीवन के
दो पहलू है महज
कोशिश ही सबसे बड़ी
मंत्र है जीवन की ।

Author
Bikash Baruah
मैं एक अहिंदी भाषी हिंदी नवलेखक के रूप मे साहित्य साधना की कोशिश कर रहा हू और मेरी दो किताबें "प्रतिक्षा" और "किसके लिए यह कविता" प्रकाशित हो चुकी है ।
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