कविता · Reading time: 1 minute

आव्हान

आओ नव अभिलाषाओं और आशाओं के दीप जलाएं ,
समग्र व्याप्त क्लेष, संताप नष्ट कर निराशा दूर भगाएं ,
त्याग स्वार्थ , द्वेष नष्ट कर , परस्पर सद्भाव बढ़ाएं ,
सर्वधर्म से उच्च धर्म मानवता का ये पाठ पढ़ाएं ,
अंतर्निहित तिमिर नष्ट कर ,आत्म ज्ञान की ज्योति जगाएंं,
क्षमा वाणी से अपराध बोध समाप्त कर , प्रेम भाव बढ़ाएं ,
लक्ष्य सत्य हो , सतत् जीवन पथ पर , कष्ट से न मन विचलित हो, ये संकल्प जगाएं ,
संस्कारों से पोषित संस्कृति हो , ये ज्ञान प्रकाश फैलाएं ,
अमूल्य मानव जीवन संदेश संचरित कर , सार्थक जीवन निर्वाह भाव जगाएं ,
जननी जन्मभूमि रक्षा तत्पर , प्राण निछावर भाव जगाएं ,

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