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आरती – आरती श्री नरहरिया जी की। साईं सरोवर नर्मदा जी की।।

आरती श्री नरहरिया जी की। साईं सरोवर नर्मदा जी की।।

जब दुर्भिक्ष ने पाँव पसारे। दुखियों के सब कष्ट निवारे।।
साईंधाम में आप विराजे। तलापार के बाबा जी की।।
आरती श्री नरहरिया जी की….

कोदों कुटकी डुबला धारे। धर नरहरिया रूप पधारे।।
मात नर्मदा यहाँ विराजे। छप्पन नदियन जल की निधी की।
आरती श्री नरहरिया जी की….

बाबा जी की महिमा न्यारी। कोदों को सोना कर डारी।
नर नारी सब हर्षित भारी। बाबा के संग दादा जी की।
आरती श्री नरहरिया जी की….

छुट्टन कल्प हैं करत आरती। साईं सरोवर बाबा सारथी।।
तीर्थ क्षेत्र यहाँ संत पारखी। धूनी, बरिया, कल्पतरु की।।
आरती श्री नरहरिया जी की….

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