Apr 21, 2017 · शेर
Reading time: 1 minute

** आरजू **

आरजू दिल की है

तमन्ना शब-ए-रोज की है

ऐ जिंदगी तूं तो बस

कुछ एक रोज की है ।।

?मधुप बैरागी

सम्बन्ध बदलते हैं

बदलना चाहे या ना चाहे

मौत आती है

मरना चाहे या ना चाहे ।।

?मधुप बैरागी

1 Like · 42 Views
Copy link to share
भूरचन्द जयपाल
562 Posts · 28.9k Views
Follow 10 Followers
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर... View full profile
You may also like: