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आरक्षण

विजय कुमार अग्रवाल

विजय कुमार अग्रवाल

कविता

January 24, 2017

आरक्षण क्यों कर लाये थे , सबको आज समझना होगा ।
देष मॆ पिछडापन अधिक है , इसलिये लागू करना होगा ॥
सत्तर साल के बाद भी देखो , पिछडापन दूर नही कर पायें है ।
पिछ्डेपन के नाम पर नेता , बस अपना घर भर पायें है ॥
जातिगत आरक्षण का फल , वो परिवार उठाते है ।
जो अपने खुद के समाज मॆ , अव्वल पाये जाती है ॥
गरीब बेचारा पढ़ नहीँ सकता , तो आरक्षण भी मिल नहीँ सकता ।
उसी जात के अमीर का बेटा , आरक्षण से अफसर बनता ॥
सोचो अक्षम व्यक्ति को देते है , जब हम देश की जिम्मेदारी ।
तभी तो वो अफसर बनता है , घूस खोर और व्यभिचारी ॥
यही वजह है सत्तर साल मॆ , पिछडापन दूर नहीँ कर पाये ।
देश पिछड़ कर भ्रष्ट हो गया , भ्रष्टता हर घर पैर जमाये ॥
आरक्षण से बना डाक्टर , क्या इलाज सही कर पाता है ।
यदि सही है फ़िर नेता खुद का इलाज क्यों विदेश मॆ करवाता है ॥

विजय बिज़नोरी

Author
विजय कुमार अग्रवाल
मै पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर का निवासी हूँ ।अौर आजकल भारतीय खेल प्राधिकरण के पश्चिमी केन्द्र गांधीनगर में कार्यरत हूँ ।पढ़ना मेरा शौक है और अब लिखना एक प्रयास है ।
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