कविता · Reading time: 1 minute

आये कभी याद मेरी, आवाज दे देना तुम

आये कभी याद मेरी, आवाज दे देना तुम
गीत गाएंगे फिर से,अपना साज दे देना तुम

ढूंढ लेंगे वो खोई तस्वीर चाहत की फिर से
जिंदगी को मेरी , नया अंदाज दे देना तुम

दर्द सुनामी तब्दील करेंगे प्यार की पुरवाई में
सावन सा रिमझिम, वो अहसास दे देना तुम

बुलंदियां आसमान की छुयेंगे फिर मिलकर
मेरे हौसलों को दुआओं का साथ दे देना तुम

सारे शिकवे भुलाकर होंगे इक दूजे के फिर
बनके चांदनी हाथो में अपना हाथ दे देना तुम

लिखेंगे फिर गजलें नई जी भर के प्यार की
वही कलम दिवानी दवात पुरानी दे देना तुम

आये कभी याद मेरी, आवाज दे देना तुम
गीत गाएंगे फिर से,अपना साज दे देना तुम
…………
________________एस के राठौर
मीरगंज बरेली

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