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आया देखो मधुमास,

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

घनाक्षरी

February 23, 2017

आया देखो मधुमास,घोले मन में मिठास,प्रीत झाँक अँखियों में , सपने सजा रही
लाल लाल से हैं गाल, लाज का लगा गुलाल, आइने में देख मुख , गोरी शरमा रही
आँखों में घुली है भंग, हँसी के खिले हैं रंग, फागुनी बहार कैसी , चारों ओर छा रही
होती थी जो नज़रों से, नज़रों की मूक बात, आज वो निकल कर , होठों तक आ रही

डॉ अर्चना गुप्ता

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Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more

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