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आप ही ने नूर भर दिया

Anish Shah

Anish Shah

गज़ल/गीतिका

September 13, 2017

मेरी जिंदगी में आप ही ने नूर भर दिया।
ऐसा तराशा मुझको कोहिनूर कर दिया।।

तन्हा भटक रहा था तुमने हाथ थामकर।
तन्हाइयों को मेरी काफूर कर दिया।।

भर दी तुमने दिल में मेरे प्यार की दौलत।
बंजर जमीं को आपने जागीर कर दिया।।

बीरान हवेली सा था किरदार ये मेरा।
इक ताजमहल सा इसे तामीर कर दिया।।

तुम जामवंत हो मेरे जीवन के सफर में।
मुझको मिलाया मुझसे महावीर कर दिया।।

रब तेरे करम का मैं करू – कैसे शुक्रिया।
देखा था ख्वाब जो, उसे ताबीर कर दिया।।

कमजोर था “अनीश” मिला ऐसा हौसला।
इक कच्चा धागा था इसे जंजीर कर दिया।।

श्री अरविंद सिंह राजपूत को सादर समर्पित

Author
Anish Shah
अनीश शाह " अनीश" (अध्यापक) एम. एस. सी (गणित) बी. एड. निवास-सांईखेड़ा ,नरसिंहपुर (म.प्र.) मो. 7898579102 8319681285
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