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आपने कर दिया इज़हार, हम अब भी उलझन में हैं

Shanky Bhatia

Shanky Bhatia

कविता

December 11, 2016

आपकी आँखों को हमारे चेहरे की आदत हो गयी।
अभी इस नशे को बहुत बढ़ाएंगे हम।

कुछ कदम हमारे साथ बढ़ाकर तो देखिये,
हर कदम पर आपका साथ निभाएंगे हम।

एक बार हमारी नज़रों में डूबकर देखिए,
अपने प्रेम से आपके जीवन को महकाएंगे हम।

अपनी ख्वाहिशों का हमसे इज़हार तो कीजिए,
आपके सभी नाज़-ओ-नखरे उठाएंगे हम।

कभी भी किसी मोड़ पर हमसे जुदा मत होना,
कि हर साँस हर धड़कन में आपको बुलाएंगे हम।

आपने कर दिया इज़हार, हम अब भी उलझन में हैं,
कैसे अपने दिल के जज़्बात आपको बताएंगे हम।

———— शैंकी भाटिया
सितम्बर 23, 2016

Author
Shanky Bhatia
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