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आनन्द का आनंद

Mahesh Tiwari

Mahesh Tiwari

गज़ल/गीतिका

July 18, 2017

वो जिन्दादिल फनकार हमसे दूर कितने हो गया
आनन्द का आनंद अनुराग सफर में खो गया
आखिर क्यूँ इस तरह अनुराग हुआ अजनबी
वीरान हुआ प्रेमनगर छा गई खामोशी
हर अंदाज था उसका जुदा शाहजादा थी उसकी जिंदगी
यादें हैं अमरप्रेम आराधना प्रेमकहानी
फिर नमकहराम का वो चंदर याद आ गया
अवतार अम्रत स्वर्ग का अदाकार दिल तड़पा गया
उसकी यादें आके छोड़ जाती हैं इक खालीपन
नफरत की दुनियाँ को छोड़ ऐ मेरे दोस्त कहाँ चला गया… M.T.”Ayen”

Author
Mahesh Tiwari
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