Nov 5, 2019 · कविता
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आधी मोहब्बत

याद तुम्हें हम करते हैं,
क्यों करते हैं? पता नहीं!
देख तुम्हें खुश होते हैं,
तुम भी होते हो? पता नहीं!

याद है हमको वो लम्हां,
जब देखा तुमको पहली दफ़ा,
दिल पहली नज़र में दे बैठे।
मिला क्या तुमको? पता नहीं!

आलम-ए-दिल हुआ ऐसा कि
तुमसे मिलने की चाहत में
हम दर दर मारे फिरते हैं
तुम कहाँ मिलोगे ? पता नहीं!

दिल चाहे तुम संग धड़कन को
तुम क्या चाहो? ये पता नहीं!
हम याद तुम्हीं को करते है!
तुम किसको करते हो? पता नहीं!!
-🖋️अटल©

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अटल चौबे
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Awards: "अटल" नाम ही, है पहचान मेरी। View full profile
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